Tuesday, 24 May 2016

Re Kabira 015 - यह कदम्ब का पेड़

--o Re Kabira 015 o--



यह कदम्ब का पेड़

यह कदंब का पेड़ अगर माँ होता यमुना तीरे।
मैं भी उस पर बैठ कन्हैया बनता धीरे-धीरे॥

ले देतीं यदि मुझे बांसुरी तुम दो पैसे वाली।
किसी तरह नीची हो जाती यह कदंब की डाली॥

तुम्हें नहीं कुछ कहता पर मैं चुपके-चुपके आता।
उस नीची डाली से अम्मा ऊँचे पर चढ़ जाता॥

वहीं बैठ फिर बड़े मजे से मैं बांसुरी बजाता।
अम्मा-अम्मा कह वंशी के स्वर में तुम्हे बुलाता॥

बहुत बुलाने पर भी माँ जब नहीं उतर कर आता।
माँ, तब माँ का हृदय तुम्हारा बहुत विकल हो जाता॥

तुम आँचल फैला कर अम्मां वहीं पेड़ के नीचे।
ईश्वर से कुछ विनती करतीं बैठी आँखें मीचे॥

तुम्हें ध्यान में लगी देख मैं धीरे-धीरे आता।
और तुम्हारे फैले आँचल के नीचे छिप जाता॥

तुम घबरा कर आँख खोलतीं, पर माँ खुश हो जाती।
जब अपने मुन्ना राजा को गोदी में ही पातीं॥

इसी तरह कुछ खेला करते हम-तुम धीरे-धीरे।
यह कदंब का पेड़ अगर माँ होता यमुना तीरे॥

सुभद्राकुमारी चौहान

--o Re Kabira 015 o--

#ReKabira #childhood #yamuna #love #peace #happiness #fortune #miracle #life #LoveHindi #Ash2Ash

Monday, 16 May 2016

Re Kabira 014 - Doubt

--o Re Kabira 014 o--
Doubt
पढ़ा सुना सीखा सभी, मिटी ना संशय शूल |
कहे कबीर कैसो कहू, यह सब दुःख का मूल ||

Translation: You may read, listen and learn all you want to know about. By doing all this, if you still have no relief from painful doubts. Kabir says it is difficult to explain but, your doubts or misturst is the root to the pains & sorrow.

My Interpretation: Start with trust not doubts....

--oo Sant Kabir Das oo--


--o Re Kabira 014 o--

#ReKabira #doubt #love #peace #happiness #fortune #miracle #life #LoveHindi #Ash2Ash



Tuesday, 1 March 2016

Re Kabira 013 - Wait

--o Re Kabira 013 o--
Ashutosh Jhureley
 
wait wait wait... what are you waiting for
someone is waiting for love
someone is waiting for peace
someone is waiting for happiness
someone is waiting for fortune
someone is waiting for miracle
wait wait wait.... everyone is waiting for a life... life not theirs...
wait wait wait... why wait for something not yours

Ashutosh Jhureley

--o Re Kabira 013 o--
#wait #love #peace #happiness #fortune #miracle #life

Monday, 29 February 2016

Re Kabira 012 - Relationships

--o Re Kabira 012 o--
Relationship

रिश्ता
सब को चाहिये आप से कुछ, आप को चाहिये सब कुछ।
कमी नहीं है रिश्तों में, नहीं है कच्ची यारी।

नहीं करिओ किसी से अपेक्षा, न ही करो किसी की उपेक्षा।
केवल सोच से कुछ नहीं, कर्म ही है सब कुछ।

गलती किस में देखे हो, ऊँगली उठाने से पहले सोचे हो।
एक तेरी दूजी पाथर के ओर, पर तीन टटोले हथेली होर।

आप जो दे चले सब कुछ, मिल जाएगा सत्य सुख।
सब को चाहिये आप से कुछ, आप को चाहिये सब कुछ।

-- आशुतोष

--o Re Kabira 012 o--
#caste #class #religion #region #equality #bias #relationships
#expectations #neglect 

Monday, 22 February 2016

Re Kabira 011 - Stubborn

--o Re Kabira 011 o--
 
महात्मा पंडित क़ादरी दे गया और बाबा ठाकुर दलित ।
चाचा के तब मजे थे और अब ताऊ-नेता-बहन-बहु के ।।
लोग कल भी अकड़े थे और आज भी चौड़े हैं ।
हम पहले भी मंद थे और अब भी मूरख हैं ।।

Translation: Mahatma supported nation to be divided on basis of religion, Ambedkar divided on the basis of reservation. Politicians took advantage at all times using policy of divide & rule. And supporter followed them stubbornly without using any common sense at all.

Ashutosh Jhureley 

--o Re Kabira 011 o--
#caste #class #religion #region #equality #bias 

Tuesday, 5 January 2016

Re Kabira 010 - Martyr

--o Re Kabira 010 o--

चाह नहीं, मैं सुरबाला के
गहनों में गूँथा जाऊँ,
चाह नहीं प्रेमी-माला में बिंध
प्यारी को ललचाऊँ,
चाह नहीं सम्राटों के शव पर
हे हरि डाला जाऊँ,
चाह नहीं देवों के सिर पर
चढूँ भाग्य पर इठलाऊँ,
मुझे तोड़ लेना बनमाली,
उस पथ पर देना तुम फेंक!
मातृ-भूमि पर शीश- चढ़ाने,
जिस पथ पर जावें वीर अनेक!

---oo Pandit Makhan Lal Chaturvedi oo--

My Interpretation: Nothing comes ahead of service of motherland; it is privilege to be in service of motherland in one way or other. 


--o Re Kabira 010 o--
#salute #india #indianarmy #terroristattack #makhanlalchaturvedi

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