Saturday, 16 July 2022

Re Kabira 072 - बातें हैं बातों को क्या !!!

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Re Kabira 072 - बातें है बातों को क्या

बातें हैं बातों को क्या 

बातों बातों में निकल पड़ी बात बातों की, 
कि बातों की कुछ बात ही अलग है 
मुलाकातें होती हैं तो बातें होती हैं, फिर मुलाकातों की बातें होती है
और मुलाकातें न हो तो भी बातें होती है

देखे तो नहीं, पर बातों के पैर भी होते होंगे,
कुछ बातें धीरे की जाती हैं, कुछ तेज़, कुछ बातें दबे पाँव निकल गयी तो दूर तक पहुँच जाती हैं 
कुछ बातें दिल को छु कर निकल जाती हैं, और कभी सर के ऊपर से 
कुछ बातें तो उड़ती-उड़ती, और कभी गिरती-पड़ती बातें आप तक पहुँच ही जाती है 

बातों के रसोईये भी होते होंगे, जो रोज़ बातें पकाते हैं 
कुछ लोग मीठी-मीठी बातें बनाते हैं, कुछ कड़वी बातें सुना जातें हैं
कभी आप चटपटी बातें करते हैं, तो कभी मसालेदार बातें हो जाती हैं  
और कुछ बातें तो ठंडाई जैसी होती है, दिल को ठंडक पहुंचा जाती हैं 

वैसे तो अच्छी बातें, बुरी बातें, सही बातें और गलत बातें होती हैं
बातों का वजन भी होता है, कुछ हलकी होती हैं तो कुछ बातें भारी हो जाती हैं
यूं तो कुछ लोग बातें छुपा लेते, तो कुछ बातों को रखकर चले जाते हैं,
कोई दबा देता है, और फिर कोई आकर बातों तो उछाल जाता है 

बातों में पकड़-छोड़ का खेल तो चलता ही रहता है,
जैसे कुछ लोग बातें पकड़ने में तेज़ होते हैं, तो कुछ बातें छोड़ते ही रहते हैं 
बातें तोड़-मरोड़ भी दी जातीं हैं, और कुछ बातें सीधी करना पड़ जाती है 
जब अतरंग बातें होने लगे, तो बातें बहक भी जातीं है, 

बातें बनती है, बातें बिगड़ती हैं, कभी सुलझ जाती हैं और कभी उलझ 
बातों की तो गहराई भी नापी जाती है, ऊंचाई भी और कभी लम्बाई भी  
बातों की गणित तो भूल ही गये, एक की दो, दो की चार, करके दस बातें तो रोज़ सुन ही लेते हैं 
और छोटी-मोटी बातें तो होती ही रहती हैं 

आम तौर पर सच्ची-झूठी, अजब-गजब बातें हर कहीं होती है, 
कुछ ख़ास बातें होती है, कुछ बहुत ही ख़ास, बिना बात किये भी कभी बात हो जाती है
कुछ बातें भीड़ में की जातीं हैं और कुछ अकेले में 
कभी-कभी खुद से भी बातें हो जाती हैं 

ज़्यादातर बातें वैसे तो बोल कर की जाती हैं
कुछ बातें चुप-चाप की जातीं है, कुछ लिखकर, और कुछ इशारे से 
कभी दिल से बातें की जाती हैं, कभी आँखों से 
और कभी कभी, जब किसी को समझ न आये तो लातों से भी की जातीं है 

बातें पैदा होती हैं, अपना एक जीवन जीतीं हैं और फिर बातें दफ़्न हो जाती हैं 
ओ रे कबीरा बातों की बातें करें तो बातें ख़त्म नहीं हो पायेंगी
तो कभी बहुत सारी बातों के बाद भी बातें समझ नहीं आती 
बातें हैं बातों का क्या, बातें होंगी तभी तो और बातों की बातें हो पायेंगी
बातें हैं बातों को क्या !!!


आशुतोष झुड़ेले
Ashutosh Jhureley
@OReKabira

--o Re Kabira 072 o--

Wednesday, 13 July 2022

Re Kabira 071 - कीमती बहुत हैं आँसू

--o Re Kabira 071 o--
 
कीमती बहुत हैं आँसू  - Ashutosh Jhureley - @OReKabira

कीमती बहुत हैं आँसू 

छलके तो ख़ुशी के, जो बहें तो दुःख के आँसू
कभी मिलन के, तो कभी बिछड़ने के आँसू

कभी सच बताने पर, कभी झूठ पकड़े जाने पर निकल आते आँसू
कभी कमज़ोरी बन जाते, तो कभी ताक़त बनते आँसू

कभी पीकर, तो कभी पोंछकर चलती ज़िन्दगी संग आँसू
कभी लगते मोतियों जैसे, तो कभी दिखते ख़ून के आँसू

कभी खुद को खाली कर देते, तो कभी सहारा बन जाते आँसू
कभी दरिया बन जाते, तो कभी सैलाब बन जाते ऑंसू

दिल झुमे तो, रब चूमे  तो पिघलते भी आँसू
कभी डर के मारे, कभी घबड़ाहट से आ जाते हैं आँसू

गुस्से में राहत देते, धोखे में आहात देते ऑंसू
कहते हैं बह जाने दो, दिल हल्का कर देंगे ये आँसू

दर्द का , चोटों का , तकलीफों का आइना आँसू
नफरत की ज़िद में, इश्क़ की लत जमते आँसू

मजबूरी के, लाचारी के, जीत के, हार के होते आँसू
सीरत तो नम होती इनकी, सूख भी जाते हैं आँसू

कवितओं में, कहानियों में, शेऱ-शायरियों में बस्ते ऑंसू
प्रेम के, भक्ति के, समर्पण के गवाह आँसू

कभी छोटे, कभी बड़े, बहुत काम के हैं ऑंसू
ओ रे कबीरा संजो के रखो, कीमती बहुत हैं आँसू


आशुतोष झुड़ेले
Ashutosh Jhureley
@OReKabira

--o Re Kabira 071 o--

Wednesday, 6 July 2022

Re Kabira 0070 - अभी बाँकी है

--o Re Kabira 070 o--

अभी बाँकी है

कभी ठहाके कभी छुपी हुई मुस्कुराहटें, हँसते हँसते रोना अभी बाँकी है
कुछ किस्से कुछ गप्पें, कुछ नयी और बहुत सी पुरानी कहानियाँ सुनना अभी बाँकी है 
हमने तो आप लोगों को पूरी तरह परेशान करा, आपका थोड़ा तो बदला लेना अभी बाँकी  है 
काफ़ी पिटाई करी खूब कान मरोड़े, अक्ल अभी भी हमको न आयी, 
...और डाँट खाना अभी बाँकी है

हम लोगों को आपने जैसे तैसे निबटा दिया, हमारी अंग्रेज औलादों को निबटना अभी बाँकी है 
खूब पैसे जोड़ लिए, खूब बचत कर ली, हमारे लिए ... अपने ऊपर कुछ खर्चना अभी बाँकी है 
बहुत भागा-दौड़ी, चिंता विंता हो गयी, कुछ पल फुर्सत से बिताना अभी बाँकी है 
कसर कोई छोड़ी नहीं हमारे लिए, हमारी परीक्षा तो अभी बाँकी है

बहुत से चुटकुले, बहुत सी अटकलें, आपका को बहुत सी महफ़िलों को चहकाना अभी बाँकी है
अहिल्या की कहानियाँ चल ही रही है, हमारे पप्पू की कारनामे सुनना अभी बाँकी है 
अकेले चाय पीने में बिलकुल मज़ा नहीं आता, खूब चाय पीना अभी बाँकी है 
आपकी मुस्कराहटों पर आपकी हँसी पर लाखों न्योछारावें अभी बाँकी है 

बहुत सारा प्यार और उससे ज्यादा आपका आशीर्वाद अभी बाँकी है 
ये तो बस trailer था. picture  पूरी अभी बांकी है 
बाँकी सब तो ठीक है, uncle का आपके लिए कोहिनूर लाना अभी बाँकी 
बस आप लोग ऎसे ही स्वस्थ रहें, और बहुत सी पार्टियां अभी बाँकी है 

आज तो golden jubilee है, diamond फिर platinum jubilee अभी बाँकी है 
कभी ठहाके कभी छुपी हुई मुस्कुराहटें, हँसते हँसते रोना अभी बाँकी है

Happy Anniversary


आशुतोष झुड़ेले
Ashutosh Jhureley
@OReKabira

--o Re Kabira 070 o--

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