Posts

Showing posts with the label Bhopal tragedy

Re Kabira 002 - Bhopal

Image
--- o Re Kabira 002 o --- भोपाल  ये कुछ पंक्तियाँ २-३ दिसंबर १९८४ की रात भोपाल गैस त्रासदी की यादों को कुरेद देती हैं।  आज हमारे देश ही नहीं बल्कि पुरे विश्व में असहिष्णुता के विषय में बहस छिड़ी हुई है। उस रात भोपाल के लोग ने मानव इतिहास की सबसे भयानक औद्योगिक त्रासदी झेली।  इतना कष्ट, इतनी पीड़ा जो शब्दों से ब्यान नहीं की जा सकती - आने वाली कई पीढ़ियों इन्हे भुक्तेंगी। प्रदूषित हवा, प्रदूषित पानी, दूषित वंशाणु, बीमार और अपंग बच्चे, इतने कष्ट और पीड़ा के बाद भी भोपाल न्याय के लिए ४० सालों से लड़ रहा है।  भोपाल, गैस त्रासदी और भोपल के लोग उन लोगों को, खास कर विख्यात, प्रसिद्ध और समाज के ठेकेदारों को  प्रतिदिन याद दिलाते हैं की वह भूल गए हैं उनका दर्द और ये भी की भोपाल और भारत कितना सहनशील और सहिष्णु  है।   मेरा परिवार और मैं उस रात भोपाल में थे, हमारा घर यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री से आधा किलोमीटर दूर था।  आज तक अँधेरी रात, डरावनी रात हम जी रहे हैं।  ये कविता उस रात और उस रात के बाद अभी तक लड़ रहे भोपाल के लोगों के लिए।   हवा क्या ह...