Re Kabira 0042 - Lets Spread Colours.. of Love

--o Re Kabira 0042 o--



सब बोलें न चढ़े कोई रंग, जब हो हर तरफ लाल रंग।  
छुप गया नीला आकाश, खो गया सतरंगी गगन।।

बट गए नारंगी-हरे रंग, थक गये हम देख काले-सफ़ेद रंग।  
दिखती नहीं रंगीन वादियां, तितलियों ने खोया रसिक ढंग।।

गर्म हो गया पवन का मन, लहरें भूल गयीं खनक छन-छन।    
वापस आने दो लकड़पन, हस लो सोच के चंचल बचपन।।  

लो जे आ गयी होली ले के बसंत, हर तरफ होगा बस रंग ही रंग।  
जो बोले न चढ़े  कोई रंग, चपेड़ दो उनको नीला-पीला संग प्रेम रंग।। 

।। होली है  ।।
।। Happy Holi ।। 

2019

Life is full of colours, don't let negativity take over and hide colours all around us. 
On the occasion of Holi lets celebrate Spring and spread colours.. colours of love.

आशुतोष
Ashutosh Jhureley


--o Re Kabira 0042 o--

Comments

Popular posts from this blog

Re Kabira - सर्वे भवन्तु सुखिनः (Sarve Bhavantu Sukhinah)

Re Kabira 075 - क्षमा प्रार्थी हूँ

Re Kabira 0069 - रंगों में घोली होली है