Hindi Poem - Who Am I? - माँ मैं कौन हूँ? - Re Kabira 0124
हे माँ, ओ माँ,
मैं शक्ति, स्थिरता, त्याग हूँ
मैं भक्ति, प्रेम, तपस्या हूँ
मैं कृपा, क्षमा, करुणा हूँ
मैं त्रिलोक त्रिदेव त्रिदेवी रचेयता हूँ
मैं सत्य, न्याय, धर्म रक्षक हूँ
मैं अस्त्र, शस्त्र, सर्वास्त्र धारी हूँ
मैं दुःख, दरिद, द्वेष नाशिनी हूँ
मैं दया, दिव्य, दैव्य स्वरूप हूँ
मैं ऋद्धि, शुद्धि, सिद्धि दात्री हूँ
हे माँ, ओ माँ,
हे माँ शैलपुत्रि! मैं अहल्या, सीता और उर्मिला भी हूँ
हे माँ ब्रह्मचारिणी! मैं तारा,मंदोदरी और द्रौपदी भी हूँ
हे माँ चंद्रघंटा! मैं सावित्रि, राधा और मीरा भी हूँ
हे माँ कूष्मांडा! मैं पद्मावती, दुर्गावती और मणिकर्णिका भी हूँ
हे माँ स्कंदमाता! मैं कौशल्या, देवकि और गांधारी भी हूँ
हे माँ कात्यायनी! मैं कथुआ, हाथरस और पार्क-लेन की निर्भया भी हूँ
हे माँ कालरात्रि! मैं जात-पात, धर्म-कर्म, धन-ज्ञान के यज्ञ की बलि भी हूँ
हे माँ महागौरी! मैं तेजाब, हिंसा, और बलात्कार की पीड़ित कन्या भी हूँ
हे माँ सिद्धिदात्री! मैं प्रताड़ना, अपमान और उल्लंघन की समीक्षा भी हूँ
हे माँ, ओ माँ,
पूँछे ओ रे कबीरा, मैं कौन हूँ? माँ मैं कौन हूँ?
